Fri. Aug 14th, 2020

माँ शारदे हमको,ऐसा तुम वर दो,
लेखन में हमारे थोड़ा असर दो….

माँ शारदे….

लिखूं जब कुछ मैं,मैं मेरी माता,
तेरी कृपा का वहाँ पे बसर दो…

माँ शारदे…

जगाऊँ अलख जग सोया जो जागे,
मेरी इस बुद्धि को,ऐसी खबर दो..

माँ शारदे…

वाणी में विराजो,सदा मेरी मईया
माता विवेक क्यों न,हमें प्रखर दो…

माँ शारदे…..

सच लिखने से डरूँ नही माते,
लिखने का मुझको, वैसा जिगर दो..

माँ शारदे…..

तन मन धन सब तुझको है अर्पण,
अपनी शरण माँ ,शारदे मगर दो…

माँ शारदे….

: रचयिता

आनंद पाण्डेय "केवल"
आनंद पाण्डेय “केवल”

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